Water Pollution in Hindi: जल प्रदुषण क्या है?

जल प्रदुषण क्या है ? कैसे होता है ?, water pollution in hindi, जल प्रदुषण के कारण तथा उसके प्रभाव |


water pollution in hindi

जलस्य ही जीवन्म अर्थात जल ही जीवन है | जल है तो कल है | जल के बिना सुनहरे जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है | जिस प्रकार से जिन्दगी जीने के लिए आक्सीजन की जरुरत होती है ठीक उसी प्रकार से जीवन जीने के लिए जल की भी जरुरत होती है | आज के समय में जल प्रदुषण पुरे विश्व के लिए बहुत बड़ी समस्या है | आये दिन जल प्रदुषण से नयी नयी बीमारियाँ जन्म ले रही है, जिसका दुष्प्रभाव मनुष्यों ही नहीं अपितु सभी प्रकार के पशु-पक्षियों और जीव जन्तुओं को भी भुगतना पढ़ रहा है | आज के इस सुन्दर से लेख में हम सब जानेंगे की-जल प्रदुषण क्या है? (water pollution in Hindi),जल प्रदुषण किसे कहते है?,जल प्रदुषण के क्या क्या कारण है?, जल प्रदुषण से कौन कौन सी बिमारिय होती है?,जल प्रदुषण को रोकने के कौन कौन से उपाय है?

जल प्रदुषण क्या है(water pollution in Hindi)

 जब जल में कोई अवांछनीय पदार्थ मिल जाता है तो जल के भौतिक तथा रासायनिक गुणों में परिवर्तन हो जाता है जिससे जल पीने योग्य नहीं रह जाता है इसे ही “जल प्रदुषण” कहते है | जल में हानिकारक तत्वों का मिल जाना ही जल प्रदुषण कहलाता है | हानिकारक से तात्पर्य ऐसे तत्वों से है जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होते है | जल में कूड़ा-कचरा,कीटनाशक रसायनो,फैक्ट्रीयो का गन्दा पानी आदि के मिलने से जल प्रदूषित होता है | प्रदूषित जल पीने से तरह तरह की बिमारिय होती है |

हमारे पृथ्वी का लगभग 71% भाग जल से ही ढका हुआ है यानी की जितना स्थल भाग है उससे कई गुना भाग जल है | पृथ्वी पर जल की अधिकता होने के कारण ही अन्तरिक्ष से देखने पर यह नीली दिखाई देती है | अब आप खुद सोचिये की पृथ्वी पर इतना अधिक जल होने के बावजूद हर मनुष्य को शुद्ध पेयजल क्यों नहीं मिल पा रहा है? इतना ही नहीं हद तो तब हो जाती है, जब हम जल को खरीद कर पीते है |

जल के स्रोत

जल के मुख्यतः दो स्रोत होते है, जिनसे हमें जल मिलता है, ये दोनों स्रोत निम्नलिखित है-

  1. भूमिगत जल स्रोत– वे सभी जल के स्रोत जो भूमि के नीचे पाए जाते है उन्हें भूमिगत जल स्रोत कहते है | जैसे-नल का जल, ट्यूबेल का जल आदि |
  2. पृष्ठीय जल स्रोत- भूमि के ऊपर पाए जाने वाले जल स्रोतों को पृष्ठीय जल स्रोत कहते है | जैसे- नदी, नहर, झील ,तालाब, समुद्र, सागर आदि |

जल के गुण

शुद्ध जल के निम्नलिखित गुण होते है |

  • जल गंधहीन, स्वादहीन, रंगहीन तथा पारदर्शी होता है |
  • जल दो तत्वों आक्सीजन तथा हैड्रोजन से मिलकर बना होता है |
  • शुद्ध जल का pH मान 7 होता है |
  • जल का अणु सूत्र H2O तथा इसका अणुभार 18 होता है |

जल प्रदुषण के कारण

वर्तमान समय में दिन बा दिन जल प्रदुषण (water pollution in hindi) की समस्या बढती जा रही है |  जल प्रदुषण के निम्नलिखित कारण है-

1. औधोगिक अपशिष्ट – जनसंख्या में वृद्धि होने के साथ साथ नए नए उद्योग स्थापित किये जा रहे है, उद्योगों से निकलने वाला अपशिष्ट नदियों में प्रवाहित किया जा रहा है | जिससे नदियों का जल बुरी तरह से प्रदूषित हो रहा है |

2. उर्वरको का अधिक प्रयोग- समय के साथ साथ कृषि तकनीको में बहुत बड़ा बदलाव हो रहा है | फसलो की पैदावार में वृद्धि के लिए अलग अलग तरीके के कीटनाशको का प्रयोग किया जा रहा है | वर्षा होने पर खेतो का पानी अलग अलग जल श्रोतो में जाता है जिससे वहा का जल प्रदूषित हो रहा है |

3.धार्मिक कार्यो को करने- यह एक अलग तरीके की बढती हुई बहुत बड़ी समस्या है जो दिनों दिनों तेजी से बढ़ रही है | दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा, गणेश पूजा आदि कुछ त्योहारों पर लोग उनकी प्रतिमाओं का पूजन करते है, और कुछ दिन बाद सभी प्रतिमाओं को नदियों में विसर्जित कर देते है,जिससे जल प्रदूषित होता है |

4.विमान वाहक पोतो से- समुद्र मार्ग एक बहुत बड़ा व्यापारिक मार्ग है,इसी मार्ग से बहुत सारे रसायन समुद्री जहाजो से एक देश से दुसरे देश को भेजे जाते है | समुद्री जहाजो से रसायनो को ले जाते समय रास्ते में अचानक जहाज में कोई खराबी होने से रसायनो का रिसाव हो जाता है, जिससे जल प्रदुषण होता है |

5.नदियों के किनारे बसे लोगो के द्वारा नदियों में बर्तन धोने, नहाने, पशुओं को नहलाने आदि कार्यो को करने से जल प्रदुषण होता है |

6.नदियों में मृत जीवो के शवो को प्रवाहित करने से जल प्रदूषित होता है |

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जल प्रदूषण के दुष्प्रभाव क्या है?

जल प्रदुषण के बहुत व्यापक दुष्प्रभाव है, जो मनुष्यों ही नहीं अपितु पशु पक्षियों को भी भुगतना पढ़ रहा है | प्रदूषित जल पीने से से बहुत सारे रोग होते है | जल प्रदुषण के कुछ दुष्प्रभाव निम्लिखित है-

  •  प्रदूषित जल को पीने से डायरिया, पीलिया ,हेपेटाईटिस आदि रोग हो जाते है |
  •  प्रदूषित जल से खेतो की सिचाई करने से फसलो को नुकसान होता है |
  •   प्रदूषित जल को पीने से तालाब या अन्य जल स्रोतों में रहने वाली मछलियो तथा अन्यो जीव जन्तुओं में विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते है |

जल प्रदुषण रोकने के उपाय

जल प्रदुषण को रोकने के बहुत सारे उपाय है, कुछ उपाय निम्नलिखित इस प्रकार से है-

  1. जलाशयों में तथा जलाशयों के समीपवर्ती भागो में गंदगी, कूड़ा-करकट डालने पर कड़ाई से प्रतिबन्ध लगाया जाये |
  2. मृत जीवो, जले हुए जीवो (जैसे चिता) की राख को नदियों में प्रवाहित करने पर पूर्ण रूप से रोग लगा दिया जाये |
  3. आम नागरिको में चेतना जाग्रत कर जल प्रदुषण निवारण एवं जल की स्वछता के महत्व को समझाया जाये तथा इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारिओं की प्रदुषण निरोधक समितिया गठित की जाये |
  4. झीलों तथा तालाबो के जल को शुद्ध रखने के लिए शैवालो का प्रयोग करना आवश्यक है | शैवाल जलाशयों की गंदगी को बड़ी मात्रा में बिना किसी गंभीर हानि के पचा लेते है |
  5. कृषि क्षेत्रो में कीटनाशक रसायनो के उपयोग पर प्रतिबन्ध लगा देना चाहिए |
 Note-विश्व जल दिवस 22 मार्च को मनाया जाता है | 

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